“पीपल के पेड़ वाली लड़की” “नैना और चुड़ैल का भयानक साया” Horror Stories of Ghost

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(एक लंबी और दिल दहला देने वाली कहानी)

ये हैं Horror Stories of Ghost — जहाँ डर बसता है हर कहानी में।

मैं हूँ यश… और लेकर आया हूँ एक रूह कंपा देने वाली सच्ची भूतिया कहानी।

नैना एक जवान, शरारती और हमेशा खुश रहने वाली लड़की थी, जो पढ़ाई के लिए शहर आई थी। हर समय हँसना, मस्ती करना और फोटो खींचना उसे बेहद पसंद था।

एक दिन सभी दोस्तों का कॉलेज ट्रिप पर जाने का प्लान बना। नैना अपने दोस्तों के साथ एक पहाड़ी इलाके में घूमने निकल पड़ी। सबने खूब मज़े किए — झरने, जंगल, मंदिर, फोटोशूट… लेकिन किसी को नहीं पता था कि यही ट्रिप उसकी ज़िंदगी की सबसे खौफनाक गलती बन जाएगी।


सुनसान जंगल की वह रात

ट्रिप से लौटते वक्त उनकी वैन एक सुनसान सड़क पर बने छोटे से ढाबे पर रुकी। सब खाना खाने लगे, लेकिन नैना बोली —
“मुझे भूख नहीं है। मैं पास के जंगल में जाकर एक फोटोशूट करके आती हूँ। बैकग्राउंड बहुत जबरदस्त लग रहा है।”

सबने मना किया — “इतनी रात को जंगल में मत जाओ।
लेकिन नैना नहीं मानी। वह अकेली ही कैमरा लेकर अंधेरे जंगल में चली गई।

वहाँ वह एक पुराने, सूखे पेड़ के नीचे खड़ी होकर फोटो खींचने लगी।
उसे क्या पता था कि उस पेड़ पर एक भयानक चुड़ैल की आत्मा रहती थी।

नैना कैमरे से तस्वीरें ले रही थी। जैसे ही उसने जंगल की ओर कैमरा घुमाकर एक फोटो खींची…
तभी वह अचानक बेहोश होकर ज़मीन पर गिर पड़ी।

उसके दोस्त उसे ढूँढते हुए जंगल की ओर गए। उन्हें नैना बेहोशी की हालत में मिली। उन्होंने उसके चेहरे पर पानी छिड़का और उसे उठाया। जब उससे पूछा कि क्या हुआ, तो वह कुछ नहीं बोली और चुपचाप गाड़ी की ओर चल पड़ी।


बदलती हुई नैना

घर पहुँचते ही नैना की हरकतें बदलने लगीं।
वह हर दिन गुस्से में रहती, किसी से सीधे मुँह बात नहीं करती।

सबसे डरावनी बात — वह हर रोज़ एक मुर्गा माँगने लगी।

उसका परिवार सख्त शाकाहारी था। घर में कभी अंडा तक नहीं आया था। लेकिन नैना ज़िद करके कहती —
“मुझे मुर्गा चाहिए… अभी मुर्गा दो!”

रात को वह दीवारों पर हाथ मारती, ज़ोर-ज़ोर से हँसती और कई बार खुद को नुकसान पहुँचाने की कोशिश करती।

दो हफ्तों तक परिवार समझ ही नहीं पाया कि क्या हो रहा है।


नकली बाबा का सच

किसी ने एक बाबा का नाम बताया। परिवार नैना को उसके पास ले गया।
बाबा ने तंत्र-मंत्र किया, धुएँ में कुछ फूँका और कहा —
“इस पर बुरी आत्मा का साया है। पूजा में सात दिन लगेंगे।”

हर दिन बाबा पूजा के नाम पर हज़ारों रुपये लेने लगा, लेकिन नैना की हालत और बिगड़ती गई।

एक रात नैना की माँ ने देखा — बाबा शराब पी रहा था।
तभी सब समझ गए कि वह एक धोखेबाज़ है।

उन्होंने उसे भगा दिया, लेकिन नैना की तबीयत दिन-ब-दिन खराब होती जा रही थी।


सच्चे ओझा का सामना

एक दिन किसी ने बताया कि शहर के बाहर एक सच्चा ओझा रहता है।
परिवार नैना को लेकर उसके पास पहुँचा।

ओझा ने मंत्र पढ़े और नैना को देखते हुए कहा —
“इसमें कोई है… बोलो, कौन हो तुम?”

अचानक नैना की आवाज़ बदल गई। उसकी आँखें उलट गईं और वह बोली —

“अमावस्या के दिन जब मैं जंगल में घूम रही थी, यह लड़की मेरे रास्ते में आकर खड़ी हो गई। अब मुझे इसके शरीर में रहना है। मैं इसे छोड़कर कभी नहीं जाऊँगी।”

घरवाले डर के मारे काँप उठे।

हर बार जब ओझा पूजा करता, नैना की आँखों से खून निकलने लगता और वह हँसते हुए कहती —
“कोई मुझे नहीं हटा सकता! यह लड़की अब मेरी है!”

ओझा ने कहा —
“यह आत्मा बहुत ज़िद्दी है… लेकिन एक जगह है जहाँ इसकी कोई ताकत नहीं चलेगी — हनुमानजी का मंदिर। जितनी जल्दी हो सके इसे वहाँ ले जाइए।”


हनुमान मंदिर की अंतिम लड़ाई

अगले दिन परिवार नैना को पकड़कर पास के हनुमान मंदिर ले गया।

मंदिर के दरवाज़े पर पहुँचते ही नैना चीखने लगी —
“मुझे यहाँ नहीं जाना! छोड़ो मुझे!”

फिर भी चार लोगों ने उसे पकड़कर अंदर ले गए। अंदर पहुँचते ही वह अचानक ज़मीन पर गिर पड़ी।

पुजारी ने ज़ोर-ज़ोर से हनुमान चालीसा पढ़ना शुरू किया।
तभी नैना अचानक उठकर बैठ गई। उसकी साँसें तेज़ चल रही थीं और वह डरावनी आवाज़ें निकाल रही थी।

पुजारी ने मंत्र पढ़कर उसके ऊपर पवित्र जल छिड़का। ऐसा लगा जैसे उसके शरीर से कोई बिजली निकल गई हो।

वह अचानक रोने लगी और अपने माँ-पिता को पुकारने लगी।

पुजारी ने कहा —
“अब डरने की कोई बात नहीं। वह चुड़ैल निकल चुकी है।”

उसके माता-पिता ने उसे गले लगा लिया।

कुछ दिनों बाद नैना पूरी तरह ठीक हो गई। उसने फिर से कॉलेज जाना शुरू कर दिया।


कहानी का अंत

आज भी नैना उस जंगल की तरफ कभी नहीं जाती।

कहते हैं, अमावस्या की रात उस सूखे पेड़ के पास आज भी किसी के रोने की आवाज़ सुनाई देती है…

उम्मीद है दोस्तों, आपको यह कहानी पसंद आई होगी।
अगर आपके पास भी कोई ऐसी डरावनी कहानी है, तो आप हमें ईमेल के जरिए भेज सकते हैं।


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